आर्यसमाज के इंद्रमणि

नमस्ते, कुछ दिन पूर्व से कुछ नीच कोटि के लोग मेरे प्रति दुर्भावना युक्त शब्दों का प्रयोग करके अपने को बहुत बड़ा शोधकर्ता सिद्ध करने की बात कर रहे थे । मेरे साथियों से ऐसा धर्म की हानि का नंगा...

भरद्वाज

भरद्वाज कृत आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान का रहस्य

भरद्वाज ऋषि :- आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान के प्रणेता आयुर्वेद जगत में अश्वनीकुमार और धन्वन्तरी को देव पुरुष और अवतार माना जाता है । इस दृष्टि से भरद्वाज प्रथम मानव व्यक्ति थे। इन्होने आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान का विधिवत् अध्ययन कर संसार...

महर्षि कपिल

महर्षि कपिल सांख्यशास्त्र के प्रवर्तक क्यों माने जाते हैं ?

  महर्षि कपिल कृत सांख्यशास्त्र कितना महत्वपूर्ण हैं ? भारत में विश्व रचना विज्ञान के प्रवर्तक महर्षि कपिल थे उन्होंने ही सर्वप्रथम विश्व रचना का रसस्य व्यवस्थित रूप में बताया था । वे मनु के वंशज माने जाते हैं ।  उनकी...

काशी

काशी प्राचीन भारत का विद्या केंद्र एवं विश्वविद्यालय

काशी से ही प्राचीन विद्या का विस्तार भारत मे वैदिक सभ्यता बहुत दिनों तक पश्चमी प्रान्तों के आबद्ध रही। पूर्वी प्रान्तों में उसके प्रसार में काफी समय लगा। अतः प्रारंभिक वैदिक साहित्य में वाराणसी का उल्लेख न धार्मिक क्षेत्र धार्मिक...

श्रद्धानंद

श्रद्धानंद का आर्य समाज के प्रति समर्पण भाव कैसे जगा ?

शुद्धि आन्दोलन के संस्थापक एवं संचालक स्वामी श्रद्धानंद स्वामी श्रद्धानंद का जन्म जालंधर जिले के तलवं स्थान में सन १८५६ ई. में हुआ था ।पुरोहित ने जन्म का नाम बृहस्पति रखा पर पिता लाला नानकचन्द्र ने इनका मुंशीराम नाम रखा...

मन नियंत्रण

मन नियंत्रण करने के लिए मुख्य व प्रभावी उपाय

प्रत्येक व्यक्ति के व्यव्हार में मन नियंत्रण क्यों जरुरी है ? मन नियंत्रण व्यवहार में व्यक्ति के मन की मुख्यता से तीन स्थितियां होती हैं- उत्तम स्थिति – व्यक्ति हर क्षण मन को बाह्य लौकिक, हानिकारक और अनावश्यक विषयों में...

शिवाजी

शिवाजी मुग़ल बादशाहों को मुँह की खिलाने वाले हिन्दू योद्धा

छत्रपति शिवाजी का पराक्रम भारत में समय समय पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया हैं । छत्रपति शिवाजी भी उनमें से एक थे । शिवाजी का जन्म 10 अप्रैल १६२७ ई० में हुआ था । उनके पिता का शाहजी व...