Category: Ancient Indian Science

प्राचीन काल में आज से अधिक उन्नत विज्ञान था। इस विषय पर ब्रिटेन के भूतपूर्व प्रधानमन्त्री लार्ड पार्मस्टन द्वारा 12 फरवरी 1958 को ब्रिटिश लोकसदन में दिये गये भाषण का अंश पढ़े :- “भारत में ही मनुष्य ने प्रथम विज्ञान और कला का अरुणोदय देखा। जब भारत में सभ्यता एव संस्कृति अपने शिखर पर पहुंच चुकी थी तो यूरोप वाले नितांत जंगली थे।”
मैं आपको बता दूँ कि जब आर्यावर्त में तोप व वायुयान थे , तब यूरोप में पाषाण युग ही चल रहा था। – वैदिक धर्मी



वैमानिक

वैमानिक शास्त्र में विमान से सम्बंधित चौकाने वाले रहस्य

वैमानिक शास्त्र एक दुर्लभ ग्रन्थ कैसे ? वर्तमान काल में कुछ समय पूर्व वैमानिक कला प्राय: लुप्त सी हो गयी थी । बाद में पाश्चात्य विद्वानों के वुद्धि विकास से विमान फिर इस संसार में...

चरक

चरक द्वारा लिखित “चरक संहिता” आज भी प्रख्यात क्यों है ?

महर्षि चरक द्वारा लिखित ‘चरक संहिता’ का उपयोग कैसे और क्यों ? चरक :- शताब्दियों से आयुर्वेद चिकित्साशास्त्र के आचार्य के रूप में प्रख्यात चरक के जन्म-समय, जन्म-स्थान आदि बातों के विषय में हमें कोई...

योग विज्ञान

योग विज्ञान मनुष्य जीवन में कितना प्रभावशाली है ?

योग विज्ञान का वैदिक आधार क्या ? योग विज्ञान का इतिहास अति प्राचीन हैं। वैदिक ऋषियों ने ब्रह्मविद्या के साथ ही योगविद्या का आविष्कार किया । कुछ विद्वानों की मान्यता है कि वैदिक मन्त्रों की...

उपांग

उपांग क्या और कितने है यह विद्या का प्रमाण कैसे है ?

उपांग क्या है ? उपांग संख्या में कुल छ: है । उपांग को दर्शन और शास्त्र भी कहते है । उपांग समस्त सृष्टि विद्या का प्रमाण और तर्क के आधार पर सूत्र रूप में वर्णन...

स्मृति

स्मृति क्या है व मनुस्मृति कौन-से संविधान पर आधारित है ?

स्मृतियों की आवश्यकता क्यों स्मृति :- सृष्टि के आरंभ में ही मनवोत्पत्ति के पशत परमकारुणिक ऋषियों ने व्यक्ति की उन्नति, रहन-सहन, खान, पान, पारस्परिक आदान-प्रदान, और रक्षा आदि कार्यों की व्यवस्था के लिए नियम बनाये ...

वेद भाष्य

वेद भाष्य कौन से है और किस भाष्यकार के उत्तम भाष्य है ?

वेदों के भाष्य किसने ठीक-ठीक लिखे है ? वेद भाष्य अति प्राचीन काल में पद-पाठ, शाखा, ब्राह्मण-ग्रन्थ, निघंटु और निरुक्त आदि वेदों के भाष्य के रूप में काम देते थे । परन्तु महाभारत कल के...

सृष्टि निर्माण

सृष्टि के आरम्भ में ज्ञान और भाषा की उत्पत्ति क्यों और कैसे हुई ?

सृष्टि प्रवाह सृष्टि निर्माण संसार पर स्थूल दृष्टि डालने से ही यह पता चल जाता है कि सृष्टि में दो तत्वों=चेतन और जड़ का मेल है । ईश्वर और जीव । ईश्वर सृष्टि का निर्माता...

ओउम्

ओउम् जाप से सभी समस्याओं का क्षण में समाधान

ओउम् की महत्ता ओउम् सर्वेवेदा: यत्पदमामनन्ति तपांसि सर्वाणि च यद्वन्ति । यदिच्छन्तो ब्रह्मचरुर्थ चरन्ति तत्ते पदं संग्रहेण ब्रवीम्योमित्येतत् ।। कठो. १/२/१५ कठोपनिषद के ऋषि यमाचार्य उपदेश करते है कि हे नचिकेता । जिस शब्द की...

सत्य

सत्य बोलने वाले मनुष्यों को वेदों में क्या महत्व दिया गया है ?

सत्य का महत्व सत्य जो अधर्माचरण से रहित विद्या को ग्रहण करने की इच्छा वाले लोग उत्तम वाणी का प्रयोग करते हुए और सत्य धर्म का आचरण करते हुए सब की इच्छा को पूर्ण करते...

ज्योतिष शास्त्र

ज्योतिष शास्त्र का आधुनिक जीवन में क्या महत्व है ?

ज्योतिष शास्त्र कितना ठीक और कितना गलत है ? ज्योतिष शास्त्र झूठा है ? “नहीं, जो उससे अंक बीज रेखा गणित विद्या है, वह सब सच्ची है परन्तु जो फल की लीला है, वह सब...