Category: Freedom Fighter Of India

देशभक्तों के बलिदान
उग्रा हि पृश्निमातर: ॥ ( ऋ. १ । २३ । १० )
अर्थात (पृश्निमातर:) देशभक्त (हि) सचमुच (उग्रा:) तेजस्वी होते है। ऐसे ही कुछ तेजस्वी देशभक्तों के जीवन परिचय से युक्त लेख यहाँ प्रस्तुत किए गए है। देशभक्तों के बलिदानों को पढ़कर उनसे प्रेरणा लेते रहने से आत्मसम्मान, आत्मगौरव और स्वदेशाभिमान सदा वृद्धि को प्राप्त होकर हमारे परिवार, समाज व राष्ट्र की सदा ही सर्वत्र उन्नति व जय होती है। भारत माता की जय! वन्दे मातरम!

स्त्री

स्त्री के तीन स्वरूप कौन-कौन से है और इनका क्या महत्व है ?

वेदों में वर्णित स्त्री के तीन स्वरूप स्त्री के स्वरूप वेदों तथा आर्य शास्त्रों में स्त्री के तीन स्वरूप दर्शाएँ गए है ये है:- कन्या, वधू या पत्नी तथा देवी या माता । कन्या के...

गाँधी वध

नथूराम गोडसे ने देश विभाजन के कारण किया गाँधी वध

गाँधी वध के बाद भी देश क्यों बटा गाँधी वध पर न्यायालय का फैसला न्या. श्री आत्माचरण अपने आसन पर विराजमान हुए थे। कठघरे में अभियुक्त अपने-अपने स्थान पर बैठे थे । दोनों पक्षों के...

चाणक्य

चाणक्य अर्थशास्त्र एक अदभुत ग्रन्थ कैसे हैं ?

चाणक्य कालीन सम्पूर्ण इतिहास चाणक्य गंगा नदी के तट पर पाटलीपुत्र नाम का शहर बसा था। इसे कुसुमपुर भी कहते थे । ग्रीष्म की भरी दोपहरी में इस शहर में एजक सभामंड़प के सामने से...

राष्ट्रीय ध्वज

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का जन्म कैसे और क्यों हुआ ?

राष्ट्रीय ध्वज का विचार, रंग और प्रतिक कैसा बना ? राष्ट्रीय ध्वज निश्चय ही राष्ट्र के आदर्शों और आकांक्षाओं का, उसके इतिहास और परम्परा का, उसके हुतात्माओं के अनन्त बलिदानों और कष्टों का, उसके वीरों...

मुस्लिम धर्म परिवर्तन

मुस्लिम धर्म परिवर्तन और स्वामी श्रद्धानंद का शुद्धि आन्दोलन

मुस्लिम धर्म परिवर्तन और स्वामी श्रद्धानंद ‘शुद्धि आन्दोलन ‘ मुस्लिम धर्म परिवर्तन स्वामी श्रद्धानंद उन आलाकमान नेताओ में से थे जिन्हें खिलाफत आन्दोलन के प्रसंग में बंदी बनाया गया था । सजा पूरी होने के...

अशफाक़ उल्ला खां

कट्टर मुसलमान अशफाक़ उल्ला खां एक कट्टर क्रांतिकारी कैसे बना

महान क्रांतिकारी अशफाक़ उल्ला खां का आदर्श जीवन अशफाक़ उल्ला खां का जन्म 22 अक्टूबर 19,00 में उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर स्थित  शाहिदपुर में हुआ |उनके पिता मोहम्मद शफीक अल्ला खान था और उनकी माता का...

चापेकर बंधु

चापेकर बंधु (तीन सगे भाई ) जिन्होंने अंग्रेजों से लोहा मनवाया

तीन सगे भाई चापेकर बंधु का साहस चापेकर बंधु ‘दामोदर हरी चापेकर, बालकृष्ण हरी चापेकर, तथा वासुदेव हरी चापेकर’ तीनों भाइयों को कहा जाता था। चापेकर बंधु तिलक जी को गुरुवत सम्मान देते थे। चापेकर...

भगत सिंह का नामकरण

भगत सिंह का नामकरण बिना किसी पंडित के हुआ था ?

 भगत सिंह का नामकरण  भगत सिंह का नामकरण –      27 सितम्बर, 1907 : दिन शनिवार : पंजाब के लायलपुर जिले का बंगा गाँव : प्रात: लगभग 9 बजे ।  बंद  कमरे में दर्द से...

महर्षि दयानन्द को जहर क्यो दिया

Maharishi Dayanand Saraswati का मृत्यु रहस्य

Maharishi Dayanand Saraswati (महर्षि दयानन्द सरस्वती) विष प्रकरण Maharishi Dayanand Saraswati:-  पूरी एक शताब्दी बीत जाने के बाद श्री ओकारसिंह Okarsingh  ने राजस्थान पत्रिका के 7 फरवरी 1984 के अंक पृष्ट संख्या 5 पर एक...

चित्तौड़ का इतिहास

चित्तौड़ की रानी वीरा का निर्भीक आक्रमण

चित्तौड़ की रानी वीरा की निर्भीक विजय  चित्तौड़ :- कभी-कभी परिस्थितियां ऐसा मोड़ लेती हैं कि पुरुष से अपनी रक्षा करनी पड़ती है। ऐसे घटनाएं हमें यह पाठ पढ़ाती हैं कि नारी अबला नहीं, सबला...

सुखदेव थापर

सुखदेव थापर की अनकही कहानी

क्रान्तिकारी सुखदेव  श्री सुखदेव खास लायलपुर (पंजाब) के रहने वाले थे। आपका जन्म तिथि फ़ाल्गुन् सुदि 6 संवत 1964 को दिन के पौने ग्यारह बजे हुआ था। आपके पिता का देहांत आपके जन्म से तीन...