ओउम् जाप से सभी समस्याओं का क्षण में समाधान

ओउम् की महत्ता ओउम् सर्वेवेदा: यत्पदमामनन्ति तपांसि सर्वाणि च यद्वन्ति । यदिच्छन्तो ब्रह्मचरुर्थ चरन्ति तत्ते पदं संग्रहेण ब्रवीम्योमित्येतत् ।। कठो. १/२/१५ कठोपनिषद के ऋषि यमाचार्य उपदेश करते है कि हे नचिकेता । जिस शब्द की...