Tagged: नैतिक शिक्षा

गुरु जी

गुरु जी और चेला साथ रहिये और साथ खाइए कहानी’

मिलकर रहिये बाँट कर खाइए गुरु जी और चेला एक चेला था । उसने अपने गुरु से पूछा-“महाराज! संसार में रहने का क्या ढंग है ?” गुरु ने कहा-“अच्छा प्रश्न किया है तूने । एक-दो...

सत्संग

सत्संग से मनुष्य जीवन कैसे बदल सकता है ?

सत्संग का प्रभाव सत्संग पर एक सत्य घटना थोड़ी देर की अच्छी संगति भी क्या परिणाम उत्पन्न करती है, यह अमर शाहिद ‘आर्य मुसाफिर’ पण्डित लेखराम जी के जीवन से ज्ञात होता है । आर्य...

माता

माता-पिता का ऋण नहीं चुकाया जा सकता है ?

माता का ऋण संसार में किसी भी स्थान पर जाकर देखें तो ज्ञात होगा कि वे लोग किसी न किसी दैवी शक्ति का पूजन करते हैं  दुनिया में लोग ईश्वर को अनेक नामो से पूजते...

चरित्रबल

चरित्रबल ही मनुष्य होने का सबसे बड़ा प्रमाण हैं कैसे ?

मनुष्य का चरित्रबल गुरूजी – कल हमने नेपोलियन का पाठ पढाया था, बताओ उसको कौन-सी बात आपको अच्छी लगी ? सुरेश– गुरूजी, मुझे तो नेपोलियन का यह कहना अच्छा लगा की-    “The word impossible is...

चोर और राजा

चोर और राजा का प्रजा पर दुराचार

चोर और राजा की प्रमाणिकता का फल           महाराष्ट्र Maharastra  के संत, महात्मा एवं कवि नामदेव महाराज Naamdev Maharaj  एक बार घूमते  हुए किसी गावँ में पहुँचे। रात्रि का समय था। सामने...