गुरुकुल की शिक्षा कहाँ गई ?

भारत की प्राचीन गुरुकुल की  शिक्षा व्यवस्था


जब कोई वस्तु राजनीति के दायरे में आ जाती है तो उस वस्तु का अस्तित्व समाप्त होता चला जाता है और कुछ ऐसा ही हुआ विश्वगुरु आर्यावर्त की प्राचीन गुरुकुल की शिक्षा पद्दति का, क्योंकि किसी भी देश का विकास और उन्नति तब ही हो सकती हैं जब शिक्षा व्यवस्था सही हो। भारत मे प्राचीन काल से गुरुकुल Gurukul शिक्षा पद्दति से ही शिक्षा दी जाती थी, जब तक भारत मे गुरुकुल व्यवस्था थी तब भारत विश्व गुरु था।

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            गुरुकुल में आचार्य/आचार्या के द्वारा शिक्षा दी जाती थी। 8 वर्ष की आयु के बाद ही छात्र गुरुकुल में प्रवेश करते थे तथा 25 वर्ष की आयु तक ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए विद्या ग्रहण करते थे। धर्म शास्त्र के अध्ययन से अस्त्र विद्या पढ़ाई जाती थी। योग और यज्ञ गुरुकुल का एक अभिन्न अंग माना जाता है। विद्या अध्ययन के बाद ही विद्यार्थी अपना वर्ण चुनते थे। हर विद्यार्थी हर प्रकार के कार्य को सीखता है(ब्राह्मण वैश्य,क्षत्रिय ओर सेवक) जिसके रुचि के आधार पर और गुण के आधार पर अपना वर्ण गुरुकुल शिक्षा  Gurukul Education पूरी करने के पश्चात् सीखता है। लड़के और लड़कियों के गुरुकुल भी अलग अलग होते थे, जिस प्रकार लड़के शिक्षा लेते थे उसी तरह हर प्रकार की शिक्षा लड़कियों को भी दी जाती थी, शास्त्र – अस्र की शिक्षा तथा वेदों का ज्ञान दिया जाता था।

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            गुरुकुल Gurukul की शिक्षा बिल्कुल निःशुल्क होती थी, ये समाज के लोगो के द्वारा चलाई जाती थी तथा राजा इसमे दान दिया करते थे, गुरुकुल Gurukul में हर वर्ण के छात्र पढ़ते थे चाहे वे क्षत्रिय हो या शूद्र परिवार से, किसी प्रकार का भेदभाव नही था। जितना पढने का अधिकार ब्राह्मणों को था पढ़ने का उतना ही शुद्र को भी। सभी को समान सुविधाएं प्राप्त थी। मनुस्मृति में मनु महाराज ने कहा है” , कन्यांना सम्प्रदान च कुमाराणां च रक्षणम:, अर्थार्त इसमे मनु ऐसा राजनियम की बात कर रहे है कि हर कोई अपने लड़के लड़की को गुरुकुल में भेजे, किसी को शिक्षा से वंचित न रखें तथा उन्हें घर मे न रखें। इस प्रकार की शिक्षा व्यवस्था जिस देश की हो वह कैसे पीछे रह सकता है जहाँ संस्कार, संस्कृति और शिष्टाचार और सभ्यता सिखाई जाए ।

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             मुगलों और अंग्रेजो के आगमन से ये शिक्षा व्यवस्था Education System लगभग स्माप्त हो गई और देश पतन के रास्ते बढ़ता गया । कुछ लोगो को ये भ्रम है कि गुरुकुल Gurukul में केवल संस्कृत Sanskrit पढ़ाई जाती थी ऐसा नही है, भारत India मे 7 लाख 32 हजार (7,32,000) गुरुकुल और विज्ञान की 20 से अधिक शाखा थीं-: www.vedicpress.com 

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अन्य कई प्रकार की युद्ध की कला
भी सिखाई जाती थीं। इस प्रकार गुरुकुल की व्यवस्था जैसी उत्तम प्रकार से शिक्षा Education दी जाती थी, जिसकी आज इस देश Country को आवश्यकता है।

कोमल आर्या

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