Category: धर्म/Religion

hanuman chalisa

हनुमान् चालीसा hanuman chalisa

हनुमान् चालीसा                                                 वर्तमान हनुमान् चालीसा का पूरा सच भारतीय समाज में सैकड़ों वर्षों से यह मान्यता...

jadu kaise kiya jata hai

चमत्कारों का सच truth of miracles

चमत्कारों का सच प्रकृति-नियम के विरुद्ध कोई कार्य होकर सामने आ जाए तो उसको जनता चमत्कार कहती हैं । लोग चमत्कार को नमस्कार करते हैं । सच तो यह है कि चमत्कार बिल्कुल नहीं होते , न ही हो सकते...

namaste

नमस्ते namaste

नमस्ते “नमस्ते” शब्द संस्कृत भाषा का है। इसमें दो पद हैं – नम:+ते । इसका अर्थ है कि ‘आपका मान करता हूँ।’ संस्कृत व्याकरण के नियमानुसार “नम:” पद अव्यय (विकाररहित) है। इसके रूप में कोई विकार=परिवर्तन नहीं होता, लिङ्ग और...

The basics for healthy living in hindi

40 दिनचर्या में उपयोगी बातें Useful things in routine

40 जीवनोपयोगी बातें * सूर्योदय से पूर्व उठने वालों का बल, तेज व आयु बढ़ते है। * प्रात: जल्दी उठकर ईश्वर का स्मरण करना चाहिए। * निश्चित समय पर शौच, दातुन, भ्रमण, व्यायाम, स्नान करना चाहिए। * दिन के प्रारम्भ...

4 divine attributes of God

4 divine attributes of God

God is infinite, almighty, omnipresent and omniscient When we say that God is infinite, it absolutely means that he is not limited within the temporal and spatial conditions. His infinitude means that there is no distinction of time for Him....

what is dharma

what is dharma-धर्म क्या है ?

 धर्म (Dharma) what is dharma :- किसी भी वस्तु के स्वाभाविक गुणों को उसका धर्म कहते है जैसे अग्नि का धर्म उसकी गर्मी और तेज है। गर्मी और तेज के बिना अग्नि की कोई सत्ता नहीं। अत: मनुष्य का स्वाभाविक...

five great duties of arya's

पंच महायज्ञ five great duties

पंच महायज्ञ five great duties स्वामी दयानन्द जी वेदों के आधार पर कहा कि प्रत्येक श्रेष्ठ कर्म यज्ञ है। उन्होने प्रत्येक मनुष्य को प्रतिदिन अपने जीवन में पाँच महायज्ञ जरूर करने चाहिए। (1) ब्रह्मयज्ञ :- ब्रह्मयज्ञ संध्या को कहते है।...

Decadence of Vedic Dharma

Decadence of Vedic Dharma

Decadence of Vedic Dharma From the time of Ikshvaku to that of Pandu Vedic Dharm guided the lives and activities of the people of India. There was peace, plenty and contentment everywhere. King Ashwapati proclaimed before the learned Brahamans who...

women role in society

Women Role In Society

Women Role In Society We have a lot in our classical literature on women’s rightful place in the society and it should be shared with others. Those engaged in the Women’s Lib movement have many fine ideas and some misconceptions,...

rishi

ऋषि rishi

ऋषि rishi प्रत्यर्धिर्यज्ञानामश्वहयो रथानाम्। ऋषि: स यो मनुर्हितो विप्रस्य यावयत्सख: ॥                                 (ऋ० १० । २६ । ५) शब्दार्थ :- (ऋषि: स:) ऋषि वह है (य:) जो (यज्ञानां प्रति अर्धि:) यज्ञों का प्रतिपादक है, जो यज्ञ के तुल्य शुद्ध ,...