Author: vedicpress

वेद

वेद, वेदांग, शाखाएं क्या है और इनका हिन्दू धर्म में क्या महत्व है ?

वेद,वेदांग,शाखाएं क्या है और कौन-कौन सी है ? वेद क्या है ? मंत्र सहिताओं का नाम वेद है । इनको श्रुति भी कहते है । वेद शब्द संस्कृत के विद धातु से बना है जिसका अर्थ है । अत: वेद...

Spiritual Discipline

Spiritual Discipline in the Vedas

Spiritual Disciplines in the Atharva veda, Yajur veda & Rig veda   Spiritual Discipline 1.   A Brahamchari, a spiritually disciplined man of divine wisdom, Performs deeds strengthening both the worlds, All the divine powers actively bless him in his mission;...

गोवध

गोवध अंग्रेजी शासनकाल से अब तक क्यों और कितना हुआ ?

अंग्रेजी शासनकाल से अब तक प्रतिवर्ष करोड़ों गायों को क्यों काटा जा रहा  ? गोवध:- मुस्लिम शासकों ने एक दो को छोड़कर प्राय: सब ही ने गोहत्या पर प्रतिबन्ध लगाया  परन्तु इस्लामी शासन की अन्य स्मृतियों में जैसे तंबाकू, पर्दा,...

ग़दर पार्टी

ग़दर पार्टी की स्थापना कैसे हुई और इसके क्या उद्देश्य थे ?

ग़दर पार्टी की स्थापना भारत से बाहर कैसे हुई ? ग़दर पार्टी क्रांतिकारी आन्दोलन के पहले दौर में बहुत से क्रांतिकारी देश छोड़कर यूरोप और अमेरिका चले गए थे । उनका उद्देश्य था भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों के सञ्चालन के...

अतिवृष्टि

अतिवृष्टि को यज्ञ द्वारा कैसे रोका जा सकता है ?

यज्ञ –अतिवृष्टि रोधक अतिवृष्टि से यज्ञ द्वारा कैसे निजात पाएं :- अनावृष्टि की भांति अतिवृष्टि भी भयंकर समस्या खड़ी कर देती है । इसके कारण दैनिक कार्य करने भी कठिन हो जाते है । नदियों में बाढ़ आ जाती है...

यज्ञ

यज्ञ का वेदों में क्या महत्व है और इसका लाभ क्या है ?

वेदों में यज्ञ की महिमा यज्ञ पर वेदों में अनेक जगह इसके के महत्व पर प्रकाश डाला है जिन्हें अर्थ सहित उद्धत किया गया हैं ।   ते वो ह्रदे मनसे सन्तु यज्ञा: । ऋग्वेद 4.37.2 अग्निहोत्र तुम्हारे ह्रदय और...

तलाक

तलाक के विषय में वेद क्या कहते हैं क्या तलाक लेना-देना उचित है ?

तलाक क्या होता है, क्यों होता है, क्या तलाक देना उचित है ? तलाक वेद तलाक की अनुमति नहीं देते । वे इसका प्रबल विरोध करते हैं । आर्य विवाह पवित्र अटूट एवं कभी नष्ट न होने वाला सम्बन्ध होता...

चरित्रबल

चरित्रबल ही मनुष्य होने का सबसे बड़ा प्रमाण हैं कैसे ?

मनुष्य का चरित्रबल गुरूजी – कल हमने नेपोलियन का पाठ पढाया था, बताओ उसको कौन-सी बात आपको अच्छी लगी ? सुरेश– गुरूजी, मुझे तो नेपोलियन का यह कहना अच्छा लगा की-    “The word impossible is found in the Dictionary of...

स्त्री

स्त्री के तीन स्वरूप कौन-कौन से है और इनका क्या महत्व है ?

वेदों में वर्णित स्त्री के तीन स्वरूप स्त्री के स्वरूप वेदों तथा आर्य शास्त्रों में स्त्री के तीन स्वरूप दर्शाएँ गए है ये है:- कन्या, वधू या पत्नी तथा देवी या माता । कन्या के रूप में स्त्री कन्या का...