Rare Ancient Hinduism Books

 Hinduism Books

Originally Available on www.thanksbharat.com

ओ३म्। नमस्ते ।

सृष्टि की आदि से वैदिक सनातन धर्म ने सदा ही संसार को सत्य का तथा ज्ञान-विज्ञान का मार्ग दिखाया है । ऋषियों ने बड़े बड़े महान ग्रन्थ लिखकर आर्यों की सभ्यता को संसार की सबसे महान सभ्यता का स्थान दिलवाया है । यह केवल महान वैदिक/आर्ष साहित्य के कारण ही संभव हुआ है । साहित्य से ही ज्ञान का प्रवाह एक मानव पीढ़ी से दूसरी मानव पीढ़ी तक होता रहता है । आर्यों/हिन्दुओं के महान संस्कृत साहित्य का मूल भाषा में समझना आज लोगों के लिए संभव नहीं है । इसके साथ ही साथ महान हिन्दू सिद्धांतों व विद्या की बातों में बड़े स्तर पर मिलावट भी हुई है । पहली बार बड़े स्तर पर सत्य और ईमानदारी के प्रतीक Thanks Bharat परिवार ने शुद्ध प्राचीन तथा महान साहित्य को हिंदी भाषा में मिलावट के बिना उपलब्ध करवाने का बीड़ा उठाया है ।

  1. सर्वप्रथम हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि आर्यत्व/हिन्दुत्व के अरबों वर्षों के इतिहास, मानव तथा सृष्टि के इतिहास को पढ़ाने तथा समझाने वाली अत्यंत साधारण शब्दों वाली एकमात्र पुस्तक “सर्वश्रेष्ठ कौन?” को अवश्य पढ़ें । इस पुस्तक को पढ़ने वाले के सामने कोई भी पाखंडी, झूठे इतिहास की बात करने वाला, हिन्दुओं का अपमान करने वाला, कुरानी, इसाई, नकली बोद्ध, वामपंथी आदि खड़ा होने की हिम्मत नहीं जुटा पायेगा । यह पुस्तक हिन्दुत्व के महान ज्ञान/साहित्य का द्वार खोल देगी । सेकड़ों महान प्राचीन दुर्लभ ग्रंथों के साक्ष्य आपके ज्ञान को नई ऊंचाई देंगे । यह ebook (pdf) है जो खरीदने के बाद तुरंत download होगी । इसकी विशेष बात यह है कि download होने वाली पुस्तक केवल आपको लाइसेंस होगी और उसके प्रत्येक पृष्ठ पर आपका नाम, ईमेल तथा मोबाइल लिखा होगा । इस 362 पृष्ठों वाली पुस्तक की गुणवत्ता अत्यंत स्पष्ट है । इस पुस्तक को लोगों ने स्वयं print करवाकर तथा छपवाकर भी वितरित किया है । इस पुस्तक के अक्षरों की quality और size पर विशेष ध्यान दिया गया है । इतना ही कहना चाहेंगे कि यह पुस्तक आपके सम्पूर्ण जीवन के ज्ञान की पिपासा शांत करने का सरल, साधारण तथा सस्ता साधन है । यह एक अवसर है क्योंकि इस पुस्तक के आते ही मुस्लिमों ने लेखक राहुल आर्य के विरुद्ध अनेकों स्थानों पर विरोध किया था और क़ानूनी प्रतिबन्ध लगाने हेतु अदालतों का दरवाजा भी खटखटाया था । ईसाईयों में भी इसके विरुद्ध बहुत रोष था । उसी समय योगगुरु बाबा रामदेव जी आदि ने राहुल आर्य जी का खुला समर्थन किया था ।

“सर्वश्रेष्ठ कौन?” पुस्तक पढ़ने के बाद आप चारों वेद, शुद्ध रामायण, महाभारत, वैदिक गीता, मनुस्मृति तथा अनेकों ग्रंथों को अवश्य मंगवाएं । नीचे बिना मिलावट के ग्रंथ तथा ऐतिहासिक पुस्तकें बिक्री के लिए उपलब्ध हैं । आप घर बैठे इन पुस्तकों को मंगवा सकते हैं ।

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